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मुहूर्त

01 Jan, 2026 by Astrotweet

भारतीय ज्योतिष की वह व्यावहारिक शाखा है, जो कर्म और समय के पारस्परिक संबंध को समझने का विज्ञान प्रस्तुत करती है। भारतीय दृष्टि में समय केवल घटनाओं का मूक साक्षी नहीं है, बल्कि वह स्वयं एक सक्रिय तत्व है, जो कर्म की दिशा, गति और प्रभावशीलता को प्रभावित करता है। मुहूर्त का उद्देश्य किसी व्यक्ति के भाग्य को बदलना नहीं, बल्कि किसी कार्य के आरंभ को उस समय-प्रवाह से जोड़ना है, जहाँ मानसिक, भावनात्मक और बाह्य परिस्थितियाँ अपेक्षाकृत संतुलित हों।
मुहूर्त की अवधारणा वैदिक और उत्तरवैदिक काल में विकसित हुई, जब यह अनुभव किया गया कि समान कर्म अलग-अलग समय पर करने से भिन्न परिणाम दे सकते हैं। वेदांग ज्योतिष, मुहूर्त चिंतामणि, कालप्रकाशिका जैसे ग्रंथों में यह स्पष्ट किया गया कि कर्म का फल केवल प्रयास पर नहीं, बल्कि उसके आरंभिक क्षण की गुणवत्ता पर भी निर्भर करता है। इसी से मुहूर्त को कर्म का सहायक माना गया, निर्णायक नहीं। यह दृष्टि अत्यंत यथार्थवादी है, क्योंकि यह कर्म को प्रधान और समय को सहयोगी मानती है।
AstroTweet के दृष्टिकोण में मुहूर्त को किसी कठोर नियम-पुस्तिका या भय-आधारित व्यवस्था के रूप में नहीं देखा जाता। यहाँ मुहूर्त का प्रयोग जीवन की व्यावहारिक आवश्यकताओं के अनुरूप किया जाता है। विवाह, सगाई, नामकरण, गृहप्रवेश, संपत्ति क्रय-विक्रय, व्यवसाय आरंभ, कंपनी पंजीकरण, अनुबंध हस्ताक्षर, शिक्षा आरंभ, परीक्षा, प्रतियोगी चयन, यात्रा, वाहन क्रय, निवेश, आध्यात्मिक अनुष्ठान—इन सभी के लिए समय-चयन को एक सहायक संरचना के रूप में समझा जाता है, न कि बाध्यकारी आदेश के रूप में।
आधुनिक संदर्भ में AstroTweet विशेष रूप से यह स्वीकार करता है कि चिकित्सा और प्रशासनिक निर्णय सर्वोपरि होते हैं। इसलिए C-Section, शल्य-चिकित्सा, चिकित्सा-आधारित प्रक्रियाओं में मुहूर्त का प्रयोग केवल तभी किया जाता है जब वह चिकित्सकीय योजना के अनुरूप संभव हो। यहाँ मुहूर्त का उद्देश्य जीवन-रक्षा या चिकित्सा निर्णयों में हस्तक्षेप करना नहीं, बल्कि यदि समय पहले से निर्धारित हो, तो उस समय-खंड की ज्योतिषीय गुणवत्ता को समझना है। इस दृष्टि में मुहूर्त व्यावहारिकता और विवेक के साथ जुड़ा रहता है।
AstroTweet और उससे संबद्ध प्रख्यात ज्योतिषी मुहूर्त निर्धारण में पंचांग, ग्रह-स्थिति, चंद्रबल, लग्न, दशा और व्यक्ति की कुंडली—इन सभी का समन्वित अध्ययन करते हैं। इसका उद्देश्य किसी “पूर्णतः शुभ” समय की खोज नहीं, बल्कि उस समय की पहचान करना है जहाँ अनावश्यक बाधाएँ न्यूनतम हों और मानसिक स्पष्टता अधिक हो। यह भी स्वीकार किया जाता है कि कोई भी समय पूर्णतः दोषमुक्त नहीं होता; अतः मुहूर्त चयन एक संतुलन की प्रक्रिया है, न कि पूर्णता की खोज।
AstroTweet की मुहूर्त सेवाओं में केवल समय बताना ही नहीं, बल्कि यह समझाना भी शामिल है कि किसी विशेष समय का चयन क्यों किया जा रहा है और उसके साथ व्यक्ति को किन बातों पर सजग रहना चाहिए। इस प्रकार मुहूर्त व्यक्ति को निर्भर नहीं बनाता, बल्कि उसे समय और कर्म के संबंध को समझने में सक्षम बनाता है। भय, दोष और अनिवार्यता की भाषा से हटकर मुहूर्त को आत्मविश्वास और स्पष्ट आरंभ का माध्यम बनाया जाता है।
AstroTweet के दर्शन में मुहूर्त का अंतिम उद्देश्य यह है कि व्यक्ति समय से संघर्ष न करे, बल्कि उसे समझकर अपने कर्म को अधिक सजगता से आरंभ करे। जब कर्म, मानसिक अवस्था और समय-प्रवाह एक न्यूनतम सामंजस्य में होते हैं, तब कार्य का आरंभ सहज होता है और व्यक्ति स्वयं को परिस्थितियों का शिकार नहीं, बल्कि उनका सचेत सहभागी अनुभव करता है।
इस प्रकार AstroTweet में मुहूर्त कोई रूढ़ परंपरा नहीं, बल्कि एक जीवंत, व्यावहारिक और विवेकपूर्ण समय-दर्शन है, जो आधुनिक जीवन की जटिलताओं के बीच भी कर्म को संतुलित दिशा देने में सहायक सिद्ध होता है।